//Joseph Robinette Biden – American Politician and President-elect of US / जो बिडेन
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Joseph Robinette Biden – American Politician and President-elect of US / जो बिडेन

हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति बने, जो बिडेन का जीवन बहुत ही कठिनाइयों व संघर्षों से भरा है। वह इस बात की जीती जागती मिसाल हैं कि अगर इंसान इमानदारी से काम करता रहे, तो एक दिन उसे कामयाबी जरूर मिलती है।बिडेन की इस कामयाबी के पीछे जीवन भर की मेहनत और कड़ा संघर्ष छिपा है|
20 नवंबर 1942 को बिडेन का जन्म “Scranton” शहर के “Pennsylvala” में हुआ। जन्म के समय बिडेन का नाम पूरा नाम “Joseph Robinette Biden Junior” रखा गया।इनके पिता का नाम “Joseph Robinette Biden Senior” था। जो बिडेन के परिवार में उनके दो भाई और एक बहन है । बिडेन एक उच्च मध्यवर्गीय परिवार में पैदा हुए थे।उनके पिता एक बिजनेसमैन थे और वह तेल का व्यापार करते थे।वैसे तो उनके पिता का काम बहुत अच्छा था, लेकिन बिडेन के जन्म के बाद से ही उनके पिता को व्यापार में घाटा होने लगा और व्यापार लगभग बंद ही हो गया।काम बंद होने के बाद से उनके पिता नौकरी की तलाश में निकल पड़े थे |हालात को देखते हुए वह छोटी से छोटी नौकरी करने को भी तैयार थे।जब तक बिडेन के पिता नौकरी खोजते रहे तब तक बिडेन ने ने अपना बचपन अपने नाना नानी के यहां गुजारा|

और फिर 1853 में ब्रिटेन के पिता को एक कार सेल्समैन की नौकरी मिल गई।उन्हें यह नौकरी “Delaware” में मिली थी फिर उनका सारा परिवार “Delaware” के “Claymont” में शिफ्ट हो गया। इस शहर में उनका पूरा परिवार कई वर्षों तक एक छोटे से अपार्टमेंट में रहता रहा। इसी शहर में बिडेन ने हाई स्कूल की पढ़ाई भी पूरी की।खराब परिस्थितियों की वजह से बिडेन बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में कमजोर थे लेकिन खेलकूद में उतने ही अच्छे थे।वह “Rugby” और “Base ball” बहुत अच्छा खेला करते थे|

खेलों के अलावा बिडेन में एक नेता बनने के भी सभी गुण मौजूद थे और इसलिए उन्हें अपनी कक्षा का प्रेसिडेंट बनाया गया।उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि जिस लड़के को क्लास का प्रेसिडेंट बनाया जा रहा है वह आगे चलकर इतने बड़े देश का राष्ट्रपति बनेगा।

बिडेन को शुरुआत से ही भाषण देने का बहुत शौक था लेकिन वह अपनी हकलाने की समस्या से भाषण देते समय, ठीक से बोल नहीं पाते थे।वह बड़े-बड़े नेताओं को जब भी भाषण देते हुए देखते थे, तो उनका मन भी इसी तरह भाषण देने को करता था।लेकिन उनके हकलाने की वजह से भाषण के बीच में ही लोग उनका मजाक बनाने लगते थे। सिर्फ भाषण ही नहीं, सामान्य बातचीत करने में भी उन्हें समस्या आती थी और स्कूल में बच्चे उन्हें हकलाने की वजह से चिढ़ाते थे।

जो बिडेन ने इस समस्या को दूर करने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत की।एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था की अपने हकलाने की समस्या को दूर करने के लिए वह शीशे के सामने खड़े होकर कई- कई घंटे कविताएं पढ़ा करते थे। इसके अलावा वह अपनी जीभ पर एक पत्थर रखकर बोलने की कोशिश करते थे। कई वर्षों तक मेहनत करने के बाद वह अपनी इस समस्या से छुटकारा पाने में सफल हो पाए थे|

साल 1961 में जो बिडेन ने अपनी हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की। तब तक उनके पिता का काम भी जम गया फिर जो बिडेन के पिता ने “Wilmigaton” में एक मकान खरीद लिया था और वह सब यहां शिफ्ट हो गए |

फिर जो बिडेन ने “University of Delaware” मे दाखिला ले लिया।वहां उन्होंने “History” और “Political Science” की पढ़ाई शुरू कर दी।लेकिन पढ़ाई में वह वैसे ही रहे थे जैसे बचपन में थे।यूनिवर्सिटी में भी

1965 में वह डिग्री प्राप्त करने में तो सफल हो गए थे लेकिन 688 विद्यार्थियों की कक्षा में उनकी रैंक 506 रही थी।और उन्हें “C” Grade दिया गया था।इसके बाद बिडेन ने “Syracuse University” में भी दाखिला ले लिया और यहां उन्होंने “Law” की पढ़ाई करनी शुरू कर दी। इस यूनिवर्सिटी में उनकी मुलाकात उनकी पहली पत्नी Neilia Hunter” से हुई थी ।साल 1966 में पढ़ाई पूरी होने से पहले ही दोनों ने शादी कर ली और फिर 1968 में law ki degree प्राप्त कर ली।लेकिन इस बार उनकी कक्षा में 85 विद्यार्थी थे, जिस में बिडेन को 75 वीं रैंक हासिल हुई थी।

हालांकि उनके अंदर एक जबरदस्त नेता बनने की सभी खूबियां मौजूद थी और वह एक स्वयं भी इस प्रतिभा को अच्छी तरह पहचानते थे। इसलिए उन्होंने “Politics” में ही अपना कैरियर चुना|

1970 को बिडेन को “Country Council” की सीट के लिए चुन लिया गया।जिसके बाद वह 1972 तक काउंसिल की सेवा करने के साथ-साथ अपनी “Law” की प्रैक्टिस भी करते रहे। लोग उनके काम व नेतागिरी की प्रतिभा से काफी प्रभावित हुए थे। लोगों और उनकेेे मित्रों ने उन्हें सुझाव दिया था कि उन्हें अगला सीनियर चुनाव भी लड़ना चाहिए। फिर बिडेन ने अगला सीनियर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी।

लेकिन 18 दिसंबर 1972 को जो बिडेन की पत्नी “Neilia” व उनकी एक साल की बेटी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई और इस दुर्घटना में उनके दोनों बेटों को भी गंभीर चोटें आई।इस दुर्घटना ने, जो बिडेन को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया था और फिर उन्होंने यह फैसला लिया कि कुछ वर्ष “Politics” को छोड़कर अपने बेटो की परवरिश पर ध्यान देंगे।लेकिन उस समय के सीनेटर “Mike Mil Field” ने बिडेन को समझाया कि वह चुनाव से पीछे न हटे और चुनाव जरूर लड़ें। काफी मेहनत के बाद माइक ने ब्रिटेन को, चुनाव लड़ने को मना लिया।इसके बाद ब्रिटेन ने चुनाव लड़ा और वह 30 वर्ष की उम्र में अमेरिका के छठे सबसे सबसे कम उम्र के सीनेटर बन गए|

साल 1973 से 2009 तक वह सेंटर के पद पर ही काम करते रहे।सीनेटर रहते हुए जो बिडेन ने सभी को अपने काम से बहुत प्रभावित किया। वह हमेशा उन मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देते थे जिससे आम नागरिक को ज्यादा फायदा पहुंचे|

वर्ष 2009 को इसका फल उन्हें जब मिला जब बराक ओबामा के अंडर उन्हें “Vice President” का पद दिया गया और वे इस तरह अमेरिका के 47 वे “Vice President” बने ।बराक ओबामा और बिडेन एक दूसरे के काफी करीबी माने जाते हैं।और उन्हें कई बार एक दूसरे की तारीफ करते हुए भी उन्हें देखा जा सकता है।

बिडेन ने 2020 के राष्ट्रपति का चुनाव बहुत सोच समझकर लड़ा था और वह अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए हैं। उनका फैसला बिल्कुल सही था।

बिडेन ने जनता से यह वायदा किया था कि अगर वह अमेरिका के राष्ट्रपति बनते हैं, तो वह सबसे पहले वातावरण बदलने के लिए ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दों का हल निकालने का काम करेंगे। उनका मानना है कि यह मुद्दे उतने ही जरूरी है जितनी देश की Economy” और JDP ।इसके साथ ही उन्होंने भारत को लेकर भी कहा था कि भारत के सभी अहम मुद्दों का हल निकालने में भारत का साथ देंगे।